आवाहन अखाड़े के महा मण्डलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुल कर आ गए हैं। उनका कहना है की इस मामले की जांच किसी ऐसे राज्य में कराई जाए, जहां सरकार बीजेपी की न हो। क्योंकि यूपी पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी ये लगता नहीं है।
स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा की संत सत्ता के साथ नहीं सच के साथ खड़ा रहता है। माना जा रहा है कि उनके इस बयान के बाद से बाकी साधु-महात्मा भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बयान दे सकते है।
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा पूछताछ के लिए वाराणसी पहुंचे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य और अन्य संबंधित लोगों से मामले में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पिछले एक साल में एक नाबालिग समेत दो व्यक्तियों के यौन शोषण के आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी शनिवार देर रात दर्ज की गई। इससे पहले प्रयागराज की पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने स्वामी विमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के अलावा दो-तीन अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
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